
चंबा। स्थानीय कॉलेज में वर्ष 2007 के बाद पूरे पैनल के साथ एससीए में काबिज होने वाली एनएसयूआई के सामने कई चुनौतियां होंगी। एनएसयूआई पर चुनाव के वक्त छात्र वर्ग से किए गए वायदों को पूरा करने का दबाब रहेगा। एनएसयूआई ने पीजी कॉलेज में एमए हिंदी, एमए राजनीति शास्त्र की कक्षाएं शुरू करवाने और कॉलेज स्थानांतरण रोकने की बात कही थी। इन मांगों को पूरा करने के लिए एनएसयूआई को अपनी सरकार होते हुए ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। कॉलेज स्थानांतरण रोकने की मांग को पूरा करवाने के लिए एनएसयूआई को विवि प्रशासन और सत्तासीन कांग्रेस सरकार से लोहा लेना पड़ सकता है। मिंजर मेले के समापन अवसर पर चंबा पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कॉलेज स्थानांतरण करने को लेकर साफ निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा न होने पर संबंधित ठेकेदार की क्लास भी ली थी और जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। अगर मुख्यमंत्री कॉलेज शिफ्ट करने के आदेश देते हैं तो एनएसयूआई को कॉलेज स्थानांतरण रोकने के लिए सरकार से उलझना पड़ सकता है। कॉलेज के नए भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सत्र 2014-15 में कॉलेज का स्थानांतरण होना तय भी माना जा रहा है। इसको रोकना एनएसयूआई की एससीए के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। एनएसयूआई के परिसर अध्यक्ष चंदन नरूला ने बताया कि मांगों को पूरा करवाने के लिए एनएसयूआई प्रयास करेगी। छात्र वर्ग नहीं चाहता है कि कॉलेज वर्तमान स्थान से शिफ्ट हो। उन्होंने कहा कि रूसा प्रणाली के तहत विद्यार्थियों के लिए प्राइवेट पेपर देने की व्यवस्था करवाने के लिए भी एनएसयूआई संघर्ष करेगी।
